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पद्मिनी एकादशी Special भजन I Padmini, Kamla, Ekadashi,Vishnu Amritwani, Om Jai Jagdish Hare Aarti

पद्मिनी एकादशी Special भजन I Padmini, Kamla, Ekadashi,Vishnu Amritwani, Om Jai Jagdish Hare Aarti
Subscribe: Shree Vishnu Amritwani 00:00 Shree Badri Nath Ji Ki Aarti 04:38 Shree Vishnu Chalisa 10:32 Shree Mann Narayan Hari Hari (Dhyan Stuti) 20:54 Ghar Apna Himalaya Banaya 29:53 Om Jai Jagdish Hare 35:32 Music Label: T-Series Shree Vishnu Amritwani Singer: Anuradha Paudwal Music Director: Surinder Kohli Lyrics: Balbir Nirdosh Album: Shree Vishnu Amritwani Shree Badri Nath Ji Ki Aarti Singer: Anuradha Paudwal Music Director: Ravindra Jain Lyrics: Traditional Album: Badrinath Amritwani Shree Vishnu Chalisa Singer: Anuradha Paudwal Music Director: Bhushan Dua Lyrics: Traditional Album: Shree Vishnu Stuti Shree Mann Narayan Hari Hari (Dhyan Stuti) Singer: Kavita Godiyal Music Director: Shailendra Bharti Lyrics: Pandit Pawan Godiyal Album: Shree Hari Naam Sankeertan Ghar Apna Himalaya Banaya Singer: Anjali Jain Music Director: Dhananjay Mishra Lyrics: Kapil Muni 'Pankaj' Album: Chalo Badri Vishal Chalo Om Jai Jagdish Hare Aarti Singer: Anuradha Paudwal Music Director: Arun Paudwal Lyrics: Traditional Album: Aarti Vol.6 #EKADASHI Tseriesbhakti पद्मिनी एकादशी को अधिक मास में इसलिए महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि अधिक मास को भगवान विष्णु का मास माना जाता है. इसलिए अधिक मास को पुरुषोत्तम मास भी कहा जाता है. पुरुषोत्तम भगवान विष्णु का ही एक नाम है. भगवान विष्णु को समर्पित अधिक मास में पद्मिनी एकादशी का महत्व और भी ज्यादा होता है. इस दिन व्रत रखने से भगवान विष्णु आपकी हर मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं. पद्मिनी एकादशी का व्रत सभी मनोकामनाओं को पूर्ण करता है. इस दिन विष्णु पुराण पढ़ें या सुनें. इस व्रत में रात के वक्त भी भगवान विष्णु की पूजा की जाती है. इसलिए रात्रि में भजन और कीर्तन करना चाहिए. व्रत की हर पहर में पूजा का विधान है. एकादशी व्रत में पारण भी पूरे विधि-विधान के साथ करना जरूरी, तभी इसका फल प्राप्त होता है. इस दिन विष्णु पुराण का पाठ करना चाहिए. एकादशी व्रत में रात्रि और सभी प्रहर में भगवान विष्णु की पूजा की जाती है I इस दिन विष्णु पुराण का पाठ करना चाहिए I एकादशी व्रत में रात्रि और सभी प्रहर में भगवान विष्णु की पूजा की जाती है I ऐसी मान्यता है कि, पद्मिनी एकादशी का व्रत करने वाले श्रद्धालुओं को सालभर की सभी एकादशी व्रतों के बराबर फल मिल जाता है साथ ही व्रती को विष्णु लोक की प्राप्ति होती है पद्मिनी एकादशी का महत्व: अधिक मास में पद्मिनी एकादशी का विशेष महत्व बताया गया है. एकादशी व्रत का वर्णन महाभारत की कथा में भी आता है. एकादशी का व्रत सभी व्रतों में श्रेष्ठ माना गया है. एकादशी में व्रत और पूजा करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है. पद्मिनी एकादशी का व्रत जीवन में सुख समृद्धि लाता है. पद्मिनी एकादशी का व्रत योग्य संतान प्रदान करने में सहायक है. जीवन में आने वाली बाधाओं को यह व्रत दूर करता है. दांपत्य जीवन में यह व्रत खुशियां लाता है और लक्ष्मी जी की कृपा बनी रहती है. जिन लोगों के जीवन में धन संबंधी परेशानी आ रही है, उन लोगों के लिए पद्मिनी एकादशी का व्रत लाभकारी माना गया है I पद्मिनी एकादशी व्रत कथा: त्रेयायुग में महिष्मती पुरी के राजा थे कृतवीर्य. वे हैहय नामक राजा के वंश थे. कृतवीर्य की एक हजार ​पत्नियां थीं, लेकिन उनमें से किसी से भी कोई संतान न थी. उनके बाद महिष्मती पुरी का शासन संभालने वाला कोई न था. इसको लेकर राजा परेशान थे. उन्होंने हर प्रकार के उपाय कर लिए लेकिन कोई लाभ नहीं हुआ. इसके बाद राजा कृतवीर्य ने तपस्या करने का निर्णय लिया. उनके साथ उनकी एक पत्नी पद्मिनी भी वन जाने के लिए तैयार हो गईं. राजा ने अपना पदभार मंत्री को सौंप दिया और योगी का वेश धारण कर पत्नी पद्मिनी के साथ गंधमान पर्वत पर तप करने निकल पड़े. कहा जाता है कि पद्मिनी और कृतवीर्य ने 10 हजार साल तक तप किया, फिर भी पुत्र रत्न की प्राप्ति नहीं हुई. इसी बीच अनुसूया ने पद्मिनी से मलमास के बारे में बताया. उसने कहा कि मलमास 32 माह के बाद आता है और सभी मासों में महत्वपूर्ण माना जाता है. उसमें शुक्ल पक्ष की एकादशी का व्रत करने से तुम्हारी मनोकामना अवश्य पूर्ण होगी. श्रीहरि विष्णु प्रसन्न होकर तुम्हें पुत्र रत्न अवश्य देंगे. पद्मिनी ने मलमास के शुक्ल पक्ष की एकादशी का व्रत विधि विधान से किया. इससे प्रसन्न होकर भगवान विष्णु ने उसे पुत्र प्राप्ति का आशीर्वाद दिया. उस आशीर्वाद के कारण पद्मिनी के घर एक बालक का जन्म हुआ, जिसका नाम कार्तवीर्य रखा गया. पूरे संसार में उनके जितना बलवान कोई न था. If You like the video don't forget to share with others & also share your views. Stay connected with us!!! ► Subscribe: ► Like us on Facebook: ► Follow us on Twitter: For Spiritual Voice Alerts, Airtel subscribers Dial 589991 (toll free) To set popular Bhakti Dhun as your HelloTune, Airtel subscribers Dial 57878881